सुखपाल खैहरा भले ही जेल में बैठे हैं, लेकिन वह चुनावी ताल ठोकेंगे

सुखपाल खैहरा भले ही जेल में बैठे हैं, लेकिन वह चुनावी ताल ठोकेंगे

कपूरथला/चंद्रशेखर कालिया: ईडी की गिरफ्त में फंसे सुखपाल सिंह खैहरा को कांग्रेस ने विधानसभा क्षेत्र भुलत्थ से उम्मीदवार घोषित किया है। खैहरा भले ही जेल में बैठे हैं, लेकिन वह चुनावी ताल ठोकेंगे। शिरोमणि अकाली दल अमृतसर के प्रधान सिमरनजीत सिंह मान के बाद सुखपाल सिंह खैहरा शायद पहले ऐसे नेता होंगे जो जेल में बैठे चुनाव लड़ेंगे, लेकिन मान का मामला पंथक हालातों से जुड़ा हुआ था और खैहरा का मामला मनी लांड्रिंग से जुड़ा। खैहरा के मामले में आगामी 18 जनवरी को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में सुनवाई होनी है, जिसमें अगर उन्हें जमानत मिल जाती है तो वह खुलकर सियासी मैदान में कूद सकेंगे, लेकिन यदि जमानत न मिली तो उनके बेटे महिताब सिंह खैहरा अपने पिता की चुनाव मुहिम चलाएंगे।

सुखपाल सिंह खैहरा के पिता सुखजिंदर सिंह टकसाली अकाली नेता थे। वह बादल सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके हैं, जिनके निधन के बाद सुखपाल सिंह खैहरा ने राजनीति में कदम रखा, पर खैहरा ने अकाली दल के बजाय कांग्रेस से अपनी सियासी पारी शुरू की। पहली बार उन्होंने पंथक गढ़ माने जाते भुलत्थ हलके से एसजीपीसी की पूर्व प्रधान बीबी जागीर कौर को पराजित कर बहुत बड़ा सियासी उलट फेर किया था, लेकिन सुखपाल सिंह खैहरा अपने मुखर रुख की वजह से कांग्रेस ली़डरशिप के निशाने पर आ गए, जिसके चलते उन्हें पिछली बार कांग्रेस छोड़कर आप के टिकट पर चुनाव लड़ना पड़ा।

वह आप विधायक दल के नेता रहे। मुखर रुख की वजह से ही खैहरा का आप से तकरार हुई और उन्होंने पंजाब एकता पार्टी का गठन किया, लेकिन पिछले साल वह कैप्टन अमरिंदर सिंह की प्रेरणा से कांग्रेस में वापस लौट आए। विवादों के चलते कैप्टन अमरिंदर सिंह तो कांग्रेस छोड़ गए, लेकिन खैहरा कांग्रेस के साथ ही खड़े हैं।

इस वजह से ईडी की गिरफ्त में होने के बावजूद कांग्रेस ने खैहरा को भुलत्थ से उम्मीदवार घोषित कर राणा गुरजीत सिंह के किसी समर्थक को टिकट मिलने की तमाम अटकलों को दरकिनार कर दिया है। भुलत्थ हलके से दो बार विधायक चुने गए सुखपाल सिंह खैहरा ईडी की तरफ से मनी लांड्रिंग के दायर मामले के कारण इस समय पटियाला जेल में बंद हैं। खैहरा की हलके में गैरमौजूदगी के चलते उनके एडवोकेट पुत्र महिताब सिंह खैहरा भुलत्थ हलके में चुनाव प्रचार की कमान संभाले हुए हैं। इस बारे में महिताब खैहरा का कहना है कि उन्हें उम्मीद है कि 18 जुलाई को हाई कोर्ट में सुनवाई दौरान उनके पिता को जमानत मिल जाएगी और वह इलाके की जनता के बीच आकर इस मामले की सचाई लोगों को बताएंगे। महिताब ने बताया कि खैहरा साहिब का इलाके के लोगों में बेहद सम्मान है और वह पहले से भी अधिक वोटों से विजय होकर कांग्रेस हाईकमान के भरोसे को और मजबूत करेंगे।

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