पंजाब सरकार लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने में शून्य: अवि राजपूत

पंजाब सरकार लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने में शून्य: अवि राजपूत

बोले कैप्टन सरकार को पंजाब वासियों की कोई फिक्र नहीं

कपूरथला/चंद्रशेखर कालिया: प्रदेश में हाहाकार मचा है,जनता को दो वक़्त की रोटी की चिंता रातो को सोने नहीं दे कल कया होगा यह सोच कर लोग परेशान हो रहे है और कांग्रेस प्रदेश के नेता जनता की चिंता छोड़ एक दूसरे को प्रदेश का हितेषी साबित करने में लगे है।प्रदेश कांग्रेस में सिद्धू और कैप्टन की आपसी खींचातानी से ये साबित हो गया है।उक्त बातें यूथ अकाली दल के युवा नेता अवि राजपूत ने विशेष बातचीत में कही।अवि राजपूत ने कहा कि सरकार को पंजाब वासियों की कोई फिक्र नहीं है।एक तो कोरोना महामारी का कहर पूरे जोर पर हैं,वहीं दूसरी ओर सरकार के मंत्री लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने के बजाय आपस में ही एक दूसरे पर लांछन लगाने में लगे हुए हैं।अवि राजपूत ने कहा कि अफसरशाही में राजनीतिक घुसपैठ के कारण पंजाब का स्वास्थ्य विभाग अपनी जिम्मेवारी निभाने में असफल साबित हो रहा है।

उन्होंने पंजाब में तीव्रगति से फैल रही कोरोना महामारी एवं इसके कारण हो रही मौतो पर कैप्टन सरकार को जिम्मेवार बताते हुये कहा की जब सरकार का कैप्टन ही रजवाडाशाही अन्दाज में सेवन स्टार कल्चर में बैठा हो तो प्रशासन का अति सुस्त होना निश्चित हो जाता है।अवि राजपूत ने सरकारों की कार्यशैली के खिलाफ आवाज उठाते हुए कहा कि कोरोना में लगातार हो रही बढ़ोतरी के लिए केंद्र की मोदी सरकार तथा पंजाब की कैप्टन सरकार जिम्मेवार हैं।उन्होंने कहा कि इन सरकारों को पता था कि कोरोना की दूसरी लहर आएगी तो पहले जरूरी प्रबंध क्यों नहीं किए।अवि राजपूत ने कहा कि कैप्टन सरकार का कुप्रबंधन और पंजाब की जनता को इस महामारी से बचाने की शिथिल मानसिकता तथा लापरवाही के कारण प्रदेश में महामारी तीव्र गति से फैल रही है।कैप्टन सरकार कोरोना महामारी से पंजाबीयों को बचाने के लिये कुछ भी कारगर उपाय करने में असमर्थ दिख रही है। अवि राजपूत ने कहा कि अब तक छोटे दुकानदारों को अपना कारोबार बंद रखने के लिए कहा जा रहा है।

उन्होंने कहा कि लोगों का ध्यान रखना सरकार का फर्ज बनता है, क्योंकि लोगों की तरफ से भरा जाता टैक्स सरकारों के खजाने में जाता है। इसलिए लोगों का ध्यान रखना सरकारों का फर्ज है। इसके अलावा कोरोना के बढ़ रहे प्रभाव को रोकने के लिए सरकार की तरफ से लगाया गया मिनी लाकडाउन खिलाफ भी दुकानदारों का गुस्सा जायज है।उन्होंने कहा कि व्यापारी वर्ग अब सरकार के खिलाफ सड़कों पर उतर रहा है तथा छोटे दुकानदारों का कार्य बंद हो रहा है जोकि बहुत ही चिता का विषय है। क्योंकि छोटे दुकानदार पहले ही बड़ी मुश्किल से अपने घर का खर्च चला पा रहे हैं,ऐसे में दुकानें बंद करने से उनकी मुश्किलें और बढ़ जाएंगी तथा भुखमरी की कगार पर पहुंच जाएंगे।उन्होंने कहा कि पंजाब में कोरोना की स्थिति बहुत गंभीर है। पंजाब सरकार लोगों को स्वास्थ्य सुविधाएं देने में शून्य हैं। जिले में लोगों को आक्सीजन, बेड, दवाइयां व इंजेक्शन नहीं मिल रहे हैं। बदकिस्मती है कि पंजाब में कांग्रेस सरकार होते हुए लोगों को उनकी आपसी लड़ाई देखने को मिल रही है।

उन्होंने पंजाब में बढ रहे कोरोना के केसों के लिये कांग्रेस की कैप्टन सरकार को जिम्मेवार करार देते हुये कहा की कैप्टन अमरिन्दर सिंह को शीघ्र पंजाब की स्वास्थ्य सुविधायों को तत्काल प्रभावी रूप से कारगर बनाने के लिये अपने राजशाही तौर तरीके को त्याग कर पंजाब के सभी जिला मुख्यालया में अपनी निजी पहुँच बनाते हुये स्वयं के बजाय आम जनता की प्राणरक्षा को अपना प्रथम उदेश्य बनाना चाहिए।इस अवसर पर सेंडी,सुमित कपूर दीपक बिष्ट,तनवीर भानु,गोलू आदि उपस्थित थे।

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