‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने की बड़ी बातें, जानने के लिए क्लिक करें

‘मन की बात’ में पीएम मोदी ने की बड़ी बातें, जानने के लिए क्लिक करें

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने 62वें ‘मन की बात’ कार्यक्रम के जरिए देश को संबोधित किया। इस साल पीएम मोदी का यह दूसरा मन की बात रेडियो कार्यक्रम था। इससे पहले पीएम मोदी ने गणतंत्र दिवस पर शाम 6 बजे ‘मन की बात’ की थी। 26 जनवरी को अपने पिछले संबोधन में प्रधानमंत्री ने लोगों से नए दशक में नए संकल्प के साथ भारत माता की सेवा करने का आग्रह किया था।

अपने संबोधन में पीएम मोदी ने सबसे पहले हुनर हाट के अपने दौरे के का जिक्र किया। पीएम ने कहा, ‘मेरे प्यारे देशवासियो, ये मेरा सौभाग्य है कि ‘मन की बात’ के माध्यम से मुझे देश-भर के नागरिकों को फिर एक बार नमस्कार करने का मौका मिला है। आप सभी को नमस्कार। उन्होंने कहा, ‘हमारे देश की विशालता और विविधता को याद करना, इसको नमन करना, हर भारतीय को, गर्व से भर देता है। इस विविधता के अनुभव का अवसर तो हमेशा ही अभिभूत कर देने वाला, आनंद से भर देने वाला, एक प्रकार से, प्रेरणा का पुष्प होता है। कुछ दिन पहले, मैंने, दिल्ली के हुनर हाट में हमारे देश की विशालता, संस्कृति, परम्पराओं, खानपान और जज्बातों की विविधताओं के दर्शन किये। हुनर हाट में एक दिव्यांग महिला की बातें सुनकर बड़ा संतोष हुआ।
उन्होंने मुझे बताया कि पहले वो फुटपाथ पर अपनी पेंटिंग बेचती थी लेकिन हुनर हाट से जुड़ने के बाद उनका जीवन बदल गया। मुझे बताया गया है कि हुनर हाट में भाग लेने वाले कारीगरों में पचास प्रतिशत से अधिक महिलाएं हैं। पिछले तीन वर्षों में हुनर हाट के माध्यम से, लगभग तीन लाख कारीगरों, शिल्पकारों को रोजगार के अनेक अवसर मिले हैं।’ पीएम मोदी ने कहा, ‘हुनर हाट, कला के प्रदर्शन के लिए मंच होने के साथ-साथ ये लोगों के सपनों को भी पंख दे रहा है। जहां इस देश की विविधता को अनदेखा करना असंभव ही है। शिल्पकला तो है ही है, साथ-साथ, हमारे खान-पान की विविधता भी है। मैंने, खुद हुनर हाट में बिहार के स्वादिष्ट लिट्टी-चोखे का आनन्द लिया। भारत के हर हिस्से में ऐसे मेले, प्रदर्शनियों का आयोजन होता रहता है।’
पीएम मोदी ने आगे कहा, ‘हमारे पूर्वजों ने हमें जो विरासत में दिया है, जो शिक्षा और दीक्षा हमें मिली है, जिसमें जीव-मात्र के प्रति दया का भाव, प्रकृति के प्रति प्रेम है, ये सारी बातें, हमारी सांस्कृतिक विरासत हैं।’

पिछले दिनों, गाँधी नगर में ‘सीओपी – 13 कन्वेंशन’, जिसमें इस विषय पर काफी चिंतन, मनन हुआ, मन्थन हुआ और भारत के प्रयासों की काफी सराहना भी हुई। ये हमारे लिए गर्व की बात है कि आने वाले तीन वर्षों तक भारत migratory species पर होने वाले ‘सीओपी कन्वेंशन’ की अध्यक्षता करेगा। इस अवसर को कैसे उपयोगी बनायें, इसके लिये, आप अपने सुझाव जरूर भेजें. सीओपी कन्वेंशन पर हो रही चर्चा के बीच मेरा ध्यान मेघालय से जुड़ी एक अहम् जानकारी पर गया। हाल ही में बायोलॉजिस्ट ने मछली की एक ऐसी नई प्रजाति की खोज की है, जो केवल मेघालय में गुफाओं के अन्दर पाई जाती है।
इन दिनों हमारे देश के बच्चों और युवाओं में विज्ञान और तकनीक के प्रति रूचि लगातार बढ़ रही है। अंतरिक्ष में रेकॉर्ड Satellite का प्रक्षेपण, नए-नए रेकॉर्ड, नए-नए mission हर भारतीय को गर्व से भर देते हैं। मैं आपको एक और रोमांचक जानकारी देना चाहता हूं। मैंने नमो ऐप पर झारखण्ड के धनबाद के रहने वाले पारस का कमेंट पढ़ा।

मैं आपको एक और रोमांचक जानकारी देना चाहता हूं। मैंने नमो ऐप पर झारखण्ड के धनबाद के रहने वाले पारस का कमेंट पढ़ा। इस प्रोग्राम में, अपने एग्जाम के बाद, छुट्टियों में छात्रों, ISRO के अलग-अलग सेंटर्स में जाकर स्पेस तकनीक, स्पेस विज्ञान और स्पेस एप्लिकेशन के बारे में सीखते हैं। इस उड़ान में 10% इंडियन Bio-jet fuel का मिश्रण किया गया था।

हमारा नया भारत, अब पुराने ऐप्रोच के साथ चलने को तैयार नहीं है। खासतौर पर New India की हमारी बहनें और माताएं तो आगे बढ़कर उन चुनौतियों को अपने हाथों में ले रही हैं। 31 जनवरी 2020 को लद्दाख़ की खूबसूरत वादियां, एक ऐतिहासिक घटना की गवाह बनी। लेह के कुशोकबाकुला रिम्पोची एयरपोर्ट से भारतीय वायुसेना के AN-32 विमान ने जब उड़ान भरी तो एक नया इतिहास बन गया।

Share

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *