जिला पठानकोट के स्कूलों में दिखी बच्चों की नामात्र संख्या

जिला पठानकोट के स्कूलों में दिखी बच्चों की नामात्र संख्या

पठानकोट/अजय सैनी। कोरोना के चलते पंजाब सरकार ने स्कूल खोलने के लिए कहा था। वहीं इसके बाद जिलाधीश पठानकोट में ने 19 अक्तूबर से स्कूल खोलने के आदेश जारी किए गए थे। लेकिन 9वीं से 12वीं तक के बच्चों के लिए स्कूल आने से पहले अभिभावकों से स्वयं स्वीकृति पत्र पर हस्ताक्षर जरूरी किए जाने के कारण पहले दिन स्कूलों में बच्चों की संख्या नाममात्र दिखी। वहीं स्कूल प्रवेश के दौरान हैंड सैनिटाइजर, थर्मल स्कैनिंग के अलावा मास्क पहनना एवं सोशल डिस्टेंसिंग रखना जरूरी किया गया। लेकिन इसके बावजूद करीब 7 महीने बाद खुले स्कूलों में आज पहले दिन बच्चों की संख्या काफी कम दिखी। पठानकोट के कई स्कूल ऐसे भी थे, जहां 1 प्रतिशत बच्चे ही पढऩे के लिए आए। शहीद मक्खन सिंह स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या करीब 1500 है लेकिन आज पहले दिन 3 घंटे के पहले सैशन में नौवीं से बारहवीं कक्षा के मात्र 15 विद्यार्थी कक्षाओं में पढ़ते हुए दिखाई दिए। विद्यार्थियों ने कहा कि लॉकडाउन में घरों में रहकर बेशक उन्हें ऑनलाइन शिक्षा मिल रही थी लेकिन आज 7 महीने बाद अपने स्कूल और अपनी कक्षा में बैठकर काफी खुशी महसूस हो रही है । वहीं प्रिंसिपल मीनम शिखा ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा जारी आदेशों के बाद खुले स्कूलों में स्वयं स्वीकृति पत्र पर अपने अभिभावकों के हस्ताक्षर लेकर आए विद्यार्थी अपनी कक्षाओं में बैठकर पढ़ाई कर रहे हैं। स्कूलों में शिक्षा शुरू होने के साथ-साथ सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों के लिए ऑनलाइन कक्षाएं चल रही हैं। इसी प्रकार सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल लमीनी में आज पहले दिन करीब 10 प्रतिशत बच्चे ही स्कूल में पढऩे के लिए आए। इस संबंधी प्रिंसिपल मोनिका विहान ने बताया कि स्कूल में पहुंचने वाले सभी बच्चों के हाथों को सेनीटाइजर करवाकर थर्मल स्कैनिंग करके कक्षाओं में भेजा जा रहा है। इसके अलावा सोशल डिस्टेंसिंग एवं अन्य जरूरी एहतियात का खासतौर पर ध्यान रखा गया है।

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