कन्यादान राशि में सिर्फ एससी वर्ग की बेटियों को शामिल करना दुर्भाग्यपूर्ण

कन्यादान राशि में सिर्फ एससी वर्ग की बेटियों को शामिल करना दुर्भाग्यपूर्ण

सभी वर्गों को मिलना चाहिए इस योजना का लाभ-रुमित ठाकुर

प्रदेश सरकार ने बेटियों को ही बांट दिया तो सबका साथ सबका विकास नारा समाप्त

बददी/सचिन बैंसल: देवभूमि क्षेत्रीय संगठन हिमाचल प्रदेश व सामान्य वर्ग संयुक्त युवा हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष रूमीत सिंह ठाकुर ने जय राम ठाकुर मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश द्वारा हाल ही के बजट सत्र में बीपीएल परिवारों की गरीब लड़कियों के लिए घोषित 31,000 रूपये की कन्यादान अनुदान राशि को केवल आरक्षित वर्ग की जातियों के लिए ही देना तथा सामान्य वर्ग के बीपीएल परिवारों को इसमें सम्मिलित ना करने का कड़ा विरोध किया। बददी में जारी अपने वक्तव्य में प्रदेश सामान्य वर्ग संयुक्त मंच युवा के प्रदेश अध्यक्ष रुमित सिंह ठाकुर तथा देवभूमि क्षत्रिय संगठन हिमाचल प्रदेश के प्रदेश अध्यक्ष ने हिमाचल सरकार द्वारा जानबूझकर कर सामान्य वर्ग के साथ भेदभाव करने तथा उन्हें प्रताड़ित करने के लिए मुख्यमंत्री हिमाचल प्रदेश की आलोचना की। उन्होंने कहा कि उनके संगठन काफी समय से हिमाचल सरकार से प्रदेश में सभी जातियों में समानता,समरसता और आपसी भाईचारा बनाने हेतु तुष्टीकरण की नीति को छोडक़र सभी वर्गों के लिए एक समानता से निर्णय लेने का आग्रह कर रहे हैं। मगर सरकार सामान्य वर्ग की अनदेखी करती जा रही है और आगे से आगे भेदभाव करने पर तुली हुई है, जिससे इस वर्ग के लोगों विशेषकर युवाओं में सरकार के खिलाफ आक्रोश बढ़ रहा है। इन संगठनों ने पहले ही सामान्य वर्ग की चीर लंबित समस्याओं के शीघ्र हल एवम् स्वर्ण आयोग के शीघ्र गठन करने के लिए प्रदेश व्यापी संघर्ष का बिगुल बजा रखा है और 90 दिन का नोटिस देकर इसी महीने की 10 12 से लेकर 23 मार्च तक सभी जिला मुख्यालयों पर 3 घंटे का सांकेतिक धरना व प्रदर्शन करन के उपरांत सरकार को ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम बना रखा है। फिर भी यदि सरकार कोई संज्ञान नहीं लेती है और ऐसा ही रवैया बनाये रखती है तो आने वाले 20 अप्रैल को शिमला चलो का आह्वान किया है तथा 12 अप्रैल से भूख हड़ताल जिसमें 3 दिन के बाद आमरण अनशन करने का निर्णय लिया है।
उन्होंने एक बार फिर मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से अनुरोध किया कि वे इस कन्यादान राशि को सामान्य वर्ग के बीपीएल परिवारों को भी एक समान आवंटित करे और स्वर्ण आयोग का गठन करके उनकी ज्वलंत समस्याओं का शीघ्र समाधान करें। अन्यथा सामान्य वर्ग के लोग विशेषकर युवा व महिलाएं चुप नहीं बैठेंगे और आने वाले विधानसभा चुनाव में सरकार के विरोध में संपूर्ण हिमाचल प्रदेश में पूरी तरीके से चुनावों का बहिष्कार करने के लिए विवश होगें।

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