खाने में गरम मसाले का करते हैं इस्तेमाल तो जरूर पढ़े ये खबर…

खाने में गरम मसाले का करते हैं इस्तेमाल तो जरूर पढ़े ये खबर…

घर के खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए गरम मसाले का आमतौर पर इस्तेमाल किया जाता है. शायद ही ऐसा कोई घर हो जहां पर खाने में गरम मसाला इस्तेमाल न होता हो. चाहे वेज फूड हो या नॉनवेज फूड, गरम मसाले के बिना खाने का स्वाद ही नहीं बन पाता. भारतीय खाने में गरम मसाला एक अहम स्थान रखता है. गरम मसाला वैसे तो कई गुणों से भरपूर होता है और शरीर के लिए फायदेमंद होता है, लेकिन कई बार इसका ज्यादा इस्तेमाल आपको परेशानी में भी डाल सकता है. यह कई बीमारियों को जन्म दे सकता है. हम आपको गरम मसाले के फायदे और नुकसान दोनों के बारे में बताते हैं.

सर्दी, जुकाम – मौसम में बदलाव के साथ जैसे जैसे ठंडक बढ़ती है तो इस दौरान सर्दी, खांसी और जुकाम होना आम हो जाता है. इस तरह की बीमारियों के शुरुआती दौर
में लौंग, काली मिर्च और दालचीनी का काढ़ा बनाकर पीने से फायदा मिलता है.

पाचन में सहायक – मॉनसून में लोग पकौड़ा, पापड़ और भटूरे जैसी ज्यादा तेल की डिशेज खाना पसंद करते हैं. इस मौसम में मंदाग्नि की वजह से उनका पाचन कमजोर
हो जाता है. ऐसी परेशानी को कम करने के लिए गरम मसाले का प्रयोग किया जाता है.

दर्द और सूजन – गरम मसाले में एंटी इन्फ्लेमेंट्री प्रॉपर्टीज होती हैं. इस वजह से यह सूजन और दर्द को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.

डायबिटीज के लिए – भोजन में जीरे के साथ ही अन्य जरूरी सामग्री होती हैं जो डायबिटीज के मरीजों के लिहाज से बेहद जरूरी होती हैं. ये एंटी डायबिटिक एजेंट के तौर पर काम करती हैं.

एंटीऑक्सी़डेंट – गरम मसाला एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है. यह त्वचा संबंधी परेशानियों को दूर करने में भी सहायक होता है.

हम सभी जानते हैं कि गरम मसाला सेहत के लिए काफी फायदेमंद होता है, लेकिन कई बार यह शरीर को नुकसान भी पहुंचा सकता है. गरम मसाले का लगातार और अधिक इस्तेमाल कई बीमारियों की वजह बन सकता है. इस वजह से पाइल्स (बवासीर), दिल में जलन महसूस होना, एसि़डिटी और पेट में जलन होने जैसी समस्याएं पैदा हो सकती हैं.

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