FD पर मोटा ब्याज पाने का बेहतरीन मौका!

FD पर मोटा ब्याज पाने का बेहतरीन मौका!

नई दिल्लीः भारत में अभी भी निवेश के लिए लोगों का सबसे ज्यादा भरोसा बैंक की फिक्स डिपॉजिट (FD) पर है। अब इनकी ब्याज दर महज 4 से 5 प्रतिशत सिमट गई है। ऐसे में कॉरपोरेट एफडी निवेश का पसंदीदा विकप्ल बनकर उभरी है। इसमें 9 प्रतिशत तक की ब्याज दर मिल रही है।

कॉरपोरेट एफडी या कॉरपोरेट बॉन्ड बैंक की एफडी जैसे ही सुरक्षित होते हैं। बस अंतर यह है कि कॉरपोरेट बॉन्ड कंपनियों द्वारा जारी किए जाते हैं। असल में कंपनियां बैंक लोन के विकल्प के रूप में इस तरह के बॉन्ड जारी कर कर्ज जुटाती हैं। आइए जानते हैं ऐसे ही 4 बेस्ट कॉरपोरेट बॉन्ड फंड्स के बारे में, जिनमें निवेश का मतलब है तगड़ा रिटर्न और बेहद कम जोखिम।

आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल कॉरपोरेट बॉन्ड फंड ने दिया 9 प्रतिशत से ज्यादा का रिटर्न
एनबीटी की खबर के मुताबिक आईसीआईसीआई प्रुडेंशियल कॉरपोरेट बॉन्ड फंड ने साल भर में 7.47 फीसदी रिटर्न दिया है, वहीं 3 साल में इस फंड ने 9.15 फीसदी रिटर्न दिया है। आदित्य बिरला सन लाइफ कॉरपोरेट बॉन्ड फंड ने 1 साल में 7.99 फीसदी रिटर्न दिया है, जबकि 3 साल में 9.45 फीसदी रिटर्न दिया है। इन दोनों फंड को 5 स्टार रेटिंग मिली हुई है। कोटक कॉरपोरेट बॉन्ड फंड ने1 साल में इस फंड ने 6.90 फीसदी रिटर्न दिया है, जबकि 3 साल में इसने 8.43 फीसदी का रिटर्न दिया है। इसे 4 स्टार रेटिंग मिली हुई है। वहीं, एक्सिस कॉरपोरेट बॉन्ड फंड 1 साल में 9.09 फीसदी रिटर्न दे चुका है, जबकि 3 साल में इसने 8.92 फीसदी रिटर्न दिया है। इसे 3 स्टार रेटिंग मिली हुई है।

कॉरपोरेट बॉन्ड क्या होते हैं?
कॉरपोरेट बॉन्ड को नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर के रूप में भी जाना जाता है। कंपनियां बैंक लोन के विकल्प के रूप में इस तरह के बॉन्ड जारी कर कर्ज जुटाती हैं। यदि ये कंपनियां बैंक से कर्ज लें तो उन्हें ज्यादा ब्याज चुकाना पड़ता है। इसके अलावा उनके टर्म एंड कंडीशन भी ज्यादा सख्त होते हैं। जो बड़ी कंपनियां होती हैं और उनकी क्रेडिट रेटिंग ठीक होती हैं, वे बाजार से ही कॉरपोरेट बॉन्ड के जरिए निधि जुटाना ज्यादा मुफीद समझती हैं। पिछले साल कॉरपोरेट फंड्स ने करीब 7 फीसदी का औसत रिटर्न दिया है।

कोई कॉरपोरेट बॉन्ड कितना सुरक्षि‍त है, इसकी जांच आप रेटिंग एजेंसियों के द्वारा जारी क्रेडिट रेटिंग से कर सकते हैं। AAA रेटिंग वाली कंपनियों के बॉन्ड सबसे ज्यादा सुरक्ष‍ित माने जाते हैं और इनमें AA रेटिंग वाली बॉन्ड के मुकाबले जोखि‍म कम होता है।

क्रिसिल के अनुसार कॉरपोरेट बॉन्ड की मांग मार्च 2025 तक 60-65 लाख करोड़ रुपए होने की संभावना है। इसमें 50% योगदान फाइनेंशियल सेक्टर का रहेगा। वहीं, 5 से 10 लाख करोड़ रुपए की खपत के लिए विदेशी निवेश की जरूरत रहेगी। वर्ष 2020 में 33 लाख करोड़ रुपए के कॉरपोरेट बॉन्ड थे। यह जीडीपी का 16% से है। 2025 तक यह बढ़कर 22-24% होने की उम्मीद है। 2020-21 में देश की GDP 194.82 लाख करोड़ है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट को दोगुना करने में 25% योगदान रिटायरमेंट फंड का भी रहेगा। इसके बाद इंश्योरेंस, म्यूचुअल फंड और रेगुलेटरी का योगदान भी 20% के करीब रहेगा।

Share