पैंशनर्ज से किए वायदे को आज तक पूरा नहीं कर पाई सरकार: एचआर वशिष्ठ

पैंशनर्ज से किए वायदे को आज तक पूरा नहीं कर पाई सरकार: एचआर वशिष्ठ

ऊना/सुशील पंडित: मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर साढे तीन वर्ष पूर्व पैंशनर्ज से किए वायदे को आज दिन तक पूरा नहीं कर पाए हैं। यह बात हिमाचल पैंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन के राज्य प्रधान एचआर वशिष्ट ने कहीं। उन्होंने कहा कि पैंशनर्ज प्रदेश सरकार के समक्ष अपनी मांगों को कई बार रख चुके हैं, लेकिन प्रदेश सरकार ने पैंशनर्ज की मांगों को पूरा करने में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने वर्ष 2018 में पैंशनर्ज वेफेयर एसोसिएशन के सुंदरनगर में आयोजित समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की थी और वहां पर लोकसभा सदस्य और मंडी व बिलासपुर जिला के विधायकों की उपस्थिति में एसोसिएशन को पैंशनर्ज की मांगों बारे विचार करने के लिए शिमला बुलाने का आश्वासन दिया था। वहीं जल्द जेसीसी के गठन के लिए भी हामी भरी थी, लेकिन साढे तीन वर्ष बीत चुके है और सीएम ने अपने वायदे को पूरा करने में कोई रुचि नहीं दिखाई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने पैंशनर्ज के प्रति जो रवैया अपना रखा है, उससे पैंशनर्ज काफी खफा है।

एचआर वशिष्ट ने कहा कि पैंशनर्ज प्रदेश सरकार के रवैये से काफी निराश हो चुके हैं। पैंशनर्ज अब पदाधिकारियों को सत्याग्रह व अन्य आंदोलन करने के लिए आग्रह कर रहे है। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार पैंशनर्ज की मांगों पर जल्द गौर करें। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार उन्हें वृद्धावस्था में संघर्ष करने के लिए विवश न करें। पैंशनर्ज की मांगों को जल्द पूरा करें और जेसीसी का शीघ्र गठन करें।
एचआर वशिष्ट ने कहा कि पैंशनर्ज वेलफेयर एसोसिएशन हिमाचल प्रदेश सबसे पुरानी एसोसिएशन है। जो वर्ष 1989 से पंजीकृत है। इसमें करीब 85 प्रतिशत पैंशनर्ज सम्मिलत है। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में गत वर्ष पैंशनर्ज ने स्वेच्छा से सवा चार करोड़ रुपए प्रदेश सरकार के राहत कोष में जमा करवाए थे। वहीं इस वर्ष भी करीब चार करोड़ रुपए सरकार के राहत कोष में दिए गए। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार के राहत कोष को भरना पैंशनर्ज का कर्तव्य था, जिसे उन्होंने बाखूबी निभाया और भविष्य में भी इससे पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने कहा कि पैंशनर्ज हमेशा सरकार के साथ खड़े हुए हैं, लेकिन सरकार ने कभी पैंशनर्ज की समस्याओं बारे कोई उचित कदम नहीं उठाए, जिससे पैंशनर्ज में सरकार के प्रति भारी रोष है।

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