प्राइवेट अस्पताल की अनदेखी के चलते बच्ची की मौत, परिजनों ने जताया रोष

प्राइवेट अस्पताल की अनदेखी के चलते बच्ची की मौत, परिजनों ने जताया रोष

पठानकोट/अजय सैनी। प्राइवेट अस्पतालों की ओर से आए दिन लोगों की जान से खिलवाड़ करना और भारी राशि के बिल देना आम बात होती जा रही है। उनके लिए पैसे कमाना ही सब कुछ रह गया है न कि मरीज को ठीक करना। इससे आए दिन अस्पतालों में मौते बढती जा रही है। इसी तरह से शहर के डलहौजी रोड स्थित गुप्ता चिल्ड्रन अस्पताल में एक 8 दिन की बच्ची की उपचार के दौरान मौत हो गई। इसे लेकर बच्ची के परिजनों द्वारा अस्पताल के बाहर डाक्टरों के खिलाफ रोष प्रदर्शन किया गया। वहीं उन्होंने पुलिस से मांग की कि अस्पताल के खिलाफ कडी कार्रवाई की जाए। इस संबंधी बताते हुए बच्ची के पिता व अन्य रिश्तेदारों ने बताया कि 27 अगस्त को उनकी बच्ची का जन्म कपूर अस्पताल में हुआ था। उसके तुरत बाद बच्ची को डा चमन गुप्ता के अस्पताल में ले आए। इस समय बच्ची का स्वास्थ्य बिलकुल सही था। लेकिन दो दिन बाद ही मुझे फोन आया कि आपकी बच्ची का स्वास्थ्य बिगड गया है। इसके हमें खून का प्रबंध करने के लिए कहा गया। जब हमारी ओर से रक्त का प्रबंध किया गया। लेकिन अगली सुबह की हमें कहा गया कि आपकी बच्ची को बेंटीलेटर पर रखा गया है और उसका स्वास्थ्य खराब हो गया है। इसके बाद बच्ची की मौत हो गई। परिजनों ने कहा कि अस्पताल की अनदेखी व डाक्टरों की लापरवाही के कारण ही उनकी बच्ची की मौत हुई है।
इस संबंधी डा चमन गुप्ता ने कहा कि यह बच्ची समय से पहले हुई है। तथा जन्म के समय इसके सिर से बलीडिंग हो रही थी। जो सिटी स्केंन में आया है। वहीं जब उनसे कहा पूछा गया कि क्या बच्ची की मौत उनकी अनदेखी के कारण हुई है तो डा चमन गुप्ता ने यह कहकर अपना पीछा छुडाया कि मैं इस संबंधी कुछ नहीं कहना चाहता।
वहीं थाना डिवीजन नंबर-1 के एएसआई धर्मपाल ने बताया कि हमें बच्ची के परिजनों की ओर से शिकायत मिली थी कि अस्पताल के डाक्टरों की अनदेखी के कारण बच्ची की मौत हुई है। इसलिए जांच की जाएगी और जो भी बात सामने आएगी उसके आधार पर बनती कार्रवाई की जाएगी।

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