पुलिस की ढीली कार्रवाई के चलते मृतक मोहित अग्रवाल के परिवार में रोष…

पुलिस की ढीली कार्रवाई के चलते मृतक मोहित अग्रवाल के परिवार में रोष…

पठानकोट (अजय सैनी)। बीती जुलाई को संदिग्ध परिस्थितियों में मृत पाए गए 30 वर्षीय अविवाहित कारोबारी मोहित अग्रवाल के मामले में पुलिस की ढीली जांच से मृतक के परिजनों में पुलिस के खिलाफ रोष है। इंदिरा कॉलोनी मोहल्ला निवासी अग्रवाल परिवार में मृतक कारोबारी मोहित के पिता अशोक अग्रवाल, माता मीना अग्रवाल व भाई वरुण अग्रवाल ने बताया कि उसका बेटा मोहित अग्रवाल एक जुलाई की रात्रि को 9 बजे तक घर नहीं लौटा तथा 9 बजकर 5 मिनट पर उसकी कॉल आई कि वह कुलैक्शन के लिए जा रहा है तथा एक-आधे घंटे तक घर आ जाएगा। जब तय समय तक भी मोहित घर न लौटा तो उन्होंने उसे कॉल करना शुरू किया परन्तु कॉल नहीं लगी।

सुबह 4 बजे के करीब पुलिस के पी.सी.आर के दस्ते के सदस्य उनके घर तक पहुंचे तथा मोहित का घर कहां है पूछा। वह उस समय घर के बाहर ही खड़े थे तो पुलिस ने मोहित का शव कोटली के करीब फंदे से लटका होने की बात कहकर उनकी आशंकाओं को सही सिद्ध कर दिया।
पुलिस ने इसके बाद मामला दर्ज करके कार्रवाई करनी शुरू कर दी। परन्तु पुलिस ने यही आशंका जताई कि मोहित की हत्या नहीं अलबता खुदकुशी का मामला प्रथम कोण से नजर आ रहा है। उन्होंने बताया कि मोहित पहले ही दुर्घटना का शिकार हो चुका था। जिसमें उसकी टांग व हाथ में लंबी रॉड डाली गई थी।

जिससे वो सुई में धागा पिरोना वाला काम तक नहीं कर पाता था वो कैसे डेढ़ इंच मोटी लंबी रस्सी लेकर फिर फ्लाई ओवर से फंदा लगा सकता है? उन्होंने कहा कि जिस प्रकार नजदीकी गांव में हुई हत्या के मामले में मुस्तैदी दिखा रही है काश ऐसे मोहित के मामले में भी होता जबकि 60 दिन से ऊपर मोहित के साथ घटे घटनाक्रम को हो चुके हैं। परन्तु पुलिस की जांच के मामले में फिलहाल हाथ पल्ले कुछ नहीं है तथा न ही पिछले इन दिनों से पुलिस ने उनके परिवार को कुछ सूचित करके बताया है।

इस संबंधी एस.पी (डी) प्रभजोत सिंह विर्क का कहना है कि इस संबंधी मामला दर्ज किया हुआ है तथा इस केस की गंभीरता से जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी केस की जांच सबूतों के आधार पर होती है और पुलिस इस मामले में पूरी गंभीरता से जुटी है और जो भी तथ्य होंगे, उन्हें परिवार व सबके सामने लेकर आएंगे।

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