कोरोना पीड़ितों को ऑक्सीमीटर निशुल्क मुहैया करवाए जाएंगेः डीसी

कोरोना पीड़ितों को ऑक्सीमीटर निशुल्क मुहैया करवाए जाएंगेः डीसी

कपूरथला (चंद्रशेखर कालिया)। डीसी दीप्ति उप्पल ने कहा कि पंजाब सरकार द्वारा कोरोना की रोकथाम और होम आइसोलेशन नीति के अंतर्गत घरों में रहकर अपना इलाज करवा रहे कोरोना पीडितों को ऑक्सीमीटर वाली मुकम्मल किटे जल्द निशुल्क मुहैया करवाई जाएंगी। अपने साप्ताहिक फेसबुक्क लाइव के दौरान लोगों के रूबरू होते डीसी ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मुहैया करवाई जाने वाली किटें अगले दो दिनों के दौरान जिले में पहुंच जाएगी। उन्होंने बताया कि किटे बांटने का मुख्य उदेश्य जहां मरीजों द्वारा अपनी सेहत की लगातार निगरानी यकीनी बनाना है, वही सेहत में बिगाड़ आने और तुरंत अस्पताल से संबंध स्थापित करने को सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि होम आइसोलेशन वाले मरीजों को यह किटें बिल्कुल निशुल्क दीं जाएंगी, जिस में ऑक्सीमीटर, थर्मामीटर, दवाईया (विटामिन सी और डी) काहड़ा, सेहत सम्बन्धित रिकार्ड के लिए लाग बुक्क शामिल हैं जिस में मरीज़ की तरफ से सेहत संबंधित रोजमर्रा की के आधार पर विवरण दर्ज किये जाएगे।

उन्होंने बताया कि जिला प्रशासन ने 1 अक्तूबर से धान की खरीद के मद्देनजऱ मंडियों में किसानों, लेबर, आढ़तिया को करोना वाइरस से बचाने के लिए उन की स्क्रीनिंग और टेस्टिंग के लिए विशेष टीमें गठित की गई हैं। सेहत विभाग और सिविल प्रशासन की यह टीमें जि़ले भर की मंडियों में जा कर टेस्टिंग करेंगी। उन्होंने बताया कि जिले में कोरोना संबंधित मौत दर में कमी आई है, जिसका मुख्य कारण टेस्टिंग में विस्तार है। उन्होंने बताया कि रोजमर्रा की 1500 के करीब टैस्ट हो रहे हैं, जिस को और बढ़ाने के लिए मोबाइल वेन टेस्टिंग की सामथर्य भी बढाई जा रही है। उसके अलावा होम आइसोलेशन वाले मरीजों की सेहत बारे लगातार निगरानी के लिए डाक्टरों और अन्य सेहत अमले की तरफ से मरीजों से फोन के द्वारा लगातार संपर्क करके फिड्ड बैक ली जा रही है। उन्होंने बताया कि स्तर-1और स्तर -2 के इलाज केन्द्रों से भी मरीजों को फ़ोन करके उनकी सेहत के बारे जानकारी प्राप्त की जाती है।

उन्होंने बताया कि जिले में इस समय 2793 पॉजिटिव केस सामने आए हैं जिन में से वर्तमान समय 647 एक्टिव केस हैं। बीते कल अब तक एक दिन में सब से ज़्यादा ठीक होने वाले 112 मरीजों को डिसचार्ज किया गया है। उन्होंने पंजाब सरकार की तरफ से स्कूलों और कालेजों के बारे में जारी निर्देशों के बारे में स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि उच्च शिक्षा सम्बन्धित संस्थान केवल खोज कामों के लिए खुलेंगे जबकि स्कूलों में 9वीं से 10वीं जमात तक के विद्यार्थी केवल गाइडेंस लेने के लिए स्कूल बुलाए जा सकते हैं बशर्ते कि उनके माता पिता की तरफ से लिखित सहमति दी गई हो।

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