मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर की मलेरकोटला को जिला बनाने की घोषणा करना सही नहीं: शिव सेना बाल ठाकरे

मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर की मलेरकोटला को जिला बनाने की घोषणा करना सही नहीं: शिव सेना बाल ठाकरे

कपूरथला/चंद्रशेखर कालिया: शिव सेना बाल ठाकरे ने ईद के दिन बिना किसी मांग अचानक मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिदर सिंह का एक छोटी सी तहसील मलेरकोटला को मुस्लिम बहुल होने के चलते जिला बनाने सहित वहां मेडिकल कालेज के नाम पर 500 करोड़ रुपए देने की घोषणा करना किसी भी स्तर पर सही नहीं है।शिव सेना बाल ठाकरे के मुताबिक यह निर्णय संविधान की भावना एवं मूल्यों के विरुद्ध है।राज्य सरकार को बेहतर प्रशासन तंत्र और आम जनता को बेहतर सुविधाएं पहुंचाने के लिए नये जिले बनाने का अधिकार है,परंतु सम्प्रदाय विशेष को खुश करने एवं राजनैतिक हितों को साधने के उद्देश्य से नए जिले की घोषणा करना संविधान के विरुद्ध एवं समाज को बांटने वाला कदम है।शिव सेना बाल ठाकरे पंजाब सरकार के इस फैसले का कड़ा विरोध करती है। शिव सेना बाल ठाकरे के जिला प्रधान दीपक मदान एवं यूथ विंग के जिला प्रधान संदीप पंडित ने कहा कि धर्म के आधार पर जिले की स्थापना के फैसले से कांग्रेस ने अपना कश्मीर वाला पुराना इतिहास दोहराने का कार्य किया है। कैप्टन सरकार के इस फैसले के बाद मलेरकोटला में हर संवैधानिक पद पर मुस्लिम को बैठाने की कोशिश सरकार करेगी।

उन्होंने कहा कि वहां कश्मीर की तरह मुस्लिम आबादी बढ़ने से हिदूओं और बाकी धर्म के लोगों के पलायन करने के परिणाम भूगतने की आशंकाओं को नकारा नहीं जा सकता।हरियाणा के मेवात,यूपी के किराना और कश्मीर सहित उत्तर प्रदेश,बंगाल व केरल में मुस्लिम आबादी बढ़ने से हिदुओं का पलायन हुआ,उससे सबक नहीं लेकर कांग्रेस की पंजाब सरकार ने भी ममता बनर्जी की तरह मुस्लिम वोट बैंक हासिल करने के लिए उक्त जनविरोधी फैसला लिया है।दीपक मदान ने कहा कि कोविड-19 का दौर चल रहा है।लोग रोजी रोटी के लिए मोहताज हो रहे हैं,जबकि कैप्टन सरकार ने 23वां जिला बनाकर प्रदेश पर और बोझ डाल दिया है।जिला बनाने से जिले में प्रशासनिक अमला भी तैनात करना पड़ेगा,जिसका बोझ आम जनता पर ही पड़ेगा।

कैप्टन सरकार ने केवल एक समुदाय के लोगों को खुश करने के लिए ईद पर तोहफा तो दे दिया।लेकिन यह नहीं सोचा के अगर कोई और समुदाय बहुमत से किसी जिले में रह रहा है,तो क्या उसके लिए भी वह नया जिला घोषित कर देंगे।प्रशासनिक अमले के अलावा जिले में कार्यालयों का निर्माण भी करना पड़ेगा,जिससे सरकारी खजाने पर भार पड़ेगा।कैप्टन सरकार को हर वर्ग को देखकर ऐसा फैसला लेना चाहिए,जिससे लोगों को रोजगार मिले।कोविड-19 के इस दौर में यह फैसला लेना बिल्कुल ही निदनीय है। संदीप पंडित ने इस कदम को शर्मनाक बताते हुए कहा है कि पंजाब के मुख्यमंत्री ने पांथिक आधार पर नया जिला बनाते हुये इसे ईद के दिन यह मुस्लिम समुदाय को भेंट बताया। उक्त नेताओ ने कहा कि पंजाब सरकार पंथ के आधार पर लोगों को विभाजित करने का काम कर रही है।

प्रदेश में स्वास्थ एवं शिक्षा क्षेत्र में आमूलचूल परिवर्तन करने की आवश्यकता है पर पंजाब सरकार अपने राजनैतिक हित को साधने में लगी है। उक्त नेताओ ने कहा कि कांग्रेस तुष्टिकरण की राजनीति को हमेशा से बढ़ावा देती आयी है। साम्प्रदायिक आधार पर जिले की घोषणा करके कैप्टन अमरिंदर ने संविधान के साथ छलावा किया है। जिले की रचना कभी भी एक सम्प्रदाय बहुल शहरों को साथ जोड़ने से नहीं होती बल्कि सभी नागरिकों को मूलभूत सुविधाएं आसानी से उपलब्ध हो एवं समस्याओं का त्वरित निवारण हो इस आधार पर की जाती रही है।कैप्टन सरकार का यह निर्णय सामाजिक सौहार्द की भावना को धूमिल करता है।

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