कोविड से मौत होने के बाद कर्मचारी के परिवार को ​हर महीने मिलेगी सैलरी

कोविड से मौत होने के बाद कर्मचारी के परिवार को ​हर महीने मिलेगी सैलरी

नई दिल्‍लीः कोरोना के इस भीषण दौर में अब कर्मचारी राज्‍य बीमा निगम (ESIC) ने भी कर्मचारियों को राहत देने की तैयारी कर ली है। देश में कोरोना की पहली लहर आने के बाद ही कई योजनाओं के माध्‍यम से रोजगार से वंचित लोगों को आर्थिक राहत देने के बाद अब ईएसआईसी नई योजना लेकर आ रहा है।

एम्‍प्‍लॉय स्‍टेट इंश्‍योरेंस कॉर्पोरेशन (ESIC) की ओर से कोरोना को ध्‍यान में रखकर इस योजना की शुरुआत की जा रही है। जिसका लाभ सीधे तौर पर कोविड से मौत होने के बाद कर्मचारी के परिवार को मिलेगा। ईएसआईसी की ओर से कोविड-19 रिलीफ स्‍कीम शुरू की जा रही है।

ईएसआईसी में इंश्‍योरेंस कमिश्‍नर, रेवेन्‍यू एंड बेनिफिट एम के शर्मा ने बताया कि तीन जून 2021 से इस योजना को लागू किया गया है हालांकि इसके लिए पूरी तैयारियों के बाद अब औपचारिक नोटिफिकेशन जारी किया जा रहा है। किसी खास बीमारी को लेकर आई यह पहली योजना होगी जिसमें कोरोना बीमारी की चपेट में आकर मरने वाले कर्मचारियों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाएगी।

डॉ. एम के शर्मा कहते हैं कि इस योजना की खास बात है कि इसका लाभ उठाने वालों के लिए योग्‍यता या पात्रता को काफी सरल रखा गया है। ताकि अगर ईएसआईसी में योगदान देने वाले कर्मचारियों की कोरोना से मौत के बाद उनके परिवार को आसानी से इसका फायदा मिल जाए।

डॉ. एम के शर्मा कहते हैं कि इस स्‍कीम के तहत आवेदन करने वाले परिवार को मृत कर्मचारी की सैलरी मिलेगी। यानी कि ईएसआईसी में योगदान देने वाले शख्‍स की अगर कोरोना से मौत हो जाती है तो उसके परिवार में पत्‍नी, बच्‍चों, निर्भर माता-पिता या भाई-बहनों को हर महीने कर्मचारी की अंतिम सैलरी का 90 फीसदी भुगतान किया जाएगा।

मान लीजिए किसी व्‍यक्ति की सैलरी 15 हजार रुपये महीने है तो उसकी कोरोना से मौत के बाद उसके परिवार को 15 हजार का 90 फीसदी पैसा हर महीने दिया जाएगा। यह उस परिवार के लिए काफी बड़ी राहत होगी। ऐसे में परिवार आसानी से अपना जीवनयापन कर सकेगा।

डॉ. एम के शर्मा कहते हैं कि इस योजना का लाभ मृत कर्मचारी की पत्‍नी तब तक उठा सकती है कि जब तक वह दूसरी शादी नहीं कर लेती। अगर परिवार में उसकी बेटी है तो उसे तब तक सैलरी का भुगतान होगा जब तक कि उसकी भी शादी नहीं हो जाती। वहीं माता-पिता को जीवनपर्यंत इस योजना का लाभ पेंशन के रूप में मिलेगा। इसके साथ ही बेटे को उसके बालिग होने तक इसका लाभ मिलेगा।

इस योजना की पात्रता में काफी रियायत दी गई है। ऐसे में किसी भी कंपनी में एक साल के भीतर कम से कम 70 दिन का जिसने ईएसआईसी में योगदान दिया हो, ऐसे कर्मचारी की मौत होने पर परिवार को इस योजना का लाभ मिलेगा। इसके अलावा कर्मचारी कोविड होने से तीन महीने पहले तक किसी भी कंपनी का कर्मचारी होना जरूरी है। इस दौरान अगर उसे कोरोना होता है और वह मर जाता है तो उसके परिवार को इस योजना के लिए पात्र माना जाएगा।

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