गेहूं की खरीद के लिए एफसीआई को दी गई 6 नई मशीनें, अब तक रिकॉर्ड 14 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद

गेहूं की खरीद के लिए एफसीआई को दी गई 6 नई मशीनें, अब तक रिकॉर्ड 14 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद

कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर बोले, जब तक किसान से एक-एक दाने की खरीद पूरी नहीं होती, तब तक चलेंगे खरीद केंद्र

ऊना/सुशील पंडित: जिला ऊना में एफसीआई के सहयोग से किसानों से गेहूं की खरीद के लिए कांगड़ व टकारला में चल रहे दो खरीद केंद्रों पर अब तक रिकॉर्ड 14 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। आज थाना कलां में इस संबंध में जानकारी देते हुए कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों का एक-एक दाना खरीदेगी, ताकि उन्हें किसी प्रकार की असुविधा न हो।

कंवर ने कहा कि एफसीआई के पास गेहूं की छंटाई करने के लिए मशीनों की कमी थी, जिससे गेहूं खरीद की प्रक्रिया में देरी हो रही थी, लेकिन अब एफसीआई को 6 मशीनें प्रदान की गई हैं, जिससे तेजी से खरीद हो सकेगी। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पूर्व छठे राज्य वित्तायोग के अध्यक्ष सतपाल सिंह सत्ती के साथ वह स्वयं टकारला व कांगड़ में चल रहे खरीद केंद्रों का दौरा करने के लिए गए थे तथा कृषि विभाग को शेड बनाने के निर्देश दिए थे, जो अगले सीजन तक बनकर तैयार हो जाएगा। किसानों को फौरी राहत प्रदान करने के लिए टकारला में 4 तिरपाल दिए गए हैं, ताकि किसानों की फसल को बारिश से कोई नुकसान न हो। शेड डालने की प्रक्रिया भी शुरू की जा चुकी है।

कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि टकारला व कांगड़ में किसानों से कोविड प्रोटोकॉल के अनुरूप ही गेहूं की खरीद की जा रही है। ऐसे में सभी अपनी बारी आने पर गेहूं लेकर खरीद केंद्र पर पहुंचे। किसानों को टोकन दिए जा रहे हैं, जिसके लिए किसानों को पंजीकरण कराना होता है। कांगड़ में 400 तथा टकारला में 150 किसान पंजीकृत हैं, इनके अतिरिक्त भी अगर कोई किसान अपनी गेहूं इस खरीद केंद्रों पर बेचना चाहता है, तो वह कृषि विभाग से संपर्क कर सकता है।

उन्होंने कहा कि पहले दोनों खरीद केंद्र मई माह के अंत तक ही चलने थे, लेकिन अभी भी किसान टकारला व कांगड़ आ रहे हैं, इसलिए इसे कम से कम 15 जून तक चलाने के लिए प्रयास किया जा रहा है। कंवर ने आश्वासन दिया कि जब तक गेहूं आना जारी रहेगी, तब तक केंद्र चलते रहेंगे।

कृषि मंत्री वीरेंद्र कंवर ने कहा कि पहली बार इतनी गेहूं एफसीआई के माध्यम से जिला ऊना में खरीदी जा रही है तथा अगले वर्ष अपने अनुभवों से सीख लेकर प्रदेश सरकार किसानों के लिए और बेहतर प्रबंध करेगी।

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