कोविड से जंग में केंद्र की 2 बड़ी घोषणाएं

कोविड से जंग में केंद्र की 2 बड़ी घोषणाएं

नई दिल्लीः भारत कोरोना वायरस के सबसे बुरे दौर से गुजर रहा है। इस बीच स्वास्थ्य सेवाओं में कमी को लेकर बहस खड़ी हो गई है। खबरें आ रही हैं कि मरीजों को अस्पतालों में बिस्तर नहीं है। ऑक्सीजन और रेमडेसिविर की कमी जैसी कई बातें सामने आईं। ऐसे में सरकार ने दो बड़ी बातें कही हैं। सरकार ने पहले ऑक्सीजन प्लांट और पूरे हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर बड़ी घोषणाएं की हैं।

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने ट्वीट करके कहा कि कुल मिलाकर 162 प्रेशर स्विंग एड्जॉर्पशन ऑक्सीजन प्लांट को केंद्र की तरफ से स्वीकृति मिली है। मंत्रालय के अनुसार, इससे मेडिकल ऑक्सीजन क्षमता 154.19 MT तक बढ़ जाएगी। जानकार बताते हैं कि कोविड-19 मरीजों के खून में ऑक्सीजन का स्तर कम देखा गया है। वे कहते हैं कि ऐसा एसिम्प्टोमैटिक मरीजों में भी नजर आ रहा है। ये हालात बताते हैं कि मरीज को खास ध्यान की जरूरत है।

इस ट्वीट में बताया गया ‘162 PSA में आने वाले 201.58 करोड़ रुपए का खर्च केंद्र सरकार उठाएगी। इसमें 7 साल का मेंटेनेंस भी शामिल है, जो 3 साल की वारंटी के बाद चौथे साल से शुरू हो जाएगा।’ सरकार की तरफ से एक अन्य पोस्ट में कहा गया है कि 162 में 33 प्लांट इंस्टॉल किए जा चुके हैं, जबकि 59 अप्रैल के अंत तक लग जाएंगे। मंत्रालय ने बताया ‘मई 2021 के अंत तक 80 इंस्टॉल हो जाएंगे।’

स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, ‘भारत सरकार की तरफ से स्वीकृत किए गए 162 पीएसए प्लांट्स में से 33 पहले ही इंस्टॉल किए जा चुके हैं। 5 एमपी, 4 हिमाचल प्रदेश, चंडीगढ़, गुजरात और उत्तराखंड में 3-3, बिहार, कर्नाटक और तमिलनाडु में 2-2 और आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, हरियाणा, केरल, महाराष्ट्र, पुडुचेरी, पंजाब और उत्तर प्रदेश में 1-1 प्लांट इंस्टाल किया गया है।’

मंत्रालय ने कहा है कि राज्य सरकार प्लांट्स के लगाए जाने से खुश हैं। मंत्रालय ने बताया कि केंद्र सरकार से 100 से ज्यादा अतिरिक्त प्लांट लगाने की अनुमति मांगी गई है। एक अन्य ट्वीट में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्टर हर्षवर्धन ने कहा, ‘कोविड-19 से लड़ने के लिए राज्यों को मुमकिन समर्थन बढ़ाया जा रहा है।’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि महामारी के खिलाफ मिलकर लड़ना ही एक मात्र रास्ता है।

रेमडेसिविर के लिए क्या किया

कई राज्य रेमडेसिविर की कमी से जूझ रहे हैं। इसके लिए उन्होंने जानकारी दी।

मई तक उत्पादन 74.1 लाख प्रति महीना बढ़ेगा।

उत्पादन बढ़ाने के लिए 20 प्लांट्स को एक्सप्रेस अनुमति दी गई है

निर्यात पर रोक लगाई है

कीमतें कम की

जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक लगाने के लिए कड़ी निगरानी की जाएगी।

बीते शनिवार को रेमडेसिविर के बड़े निर्माताओं ने इसकी कीमत कम करने की घोषणा की है। इस दौरान वर्धन ने कहा है कि अस्थाई अस्पतालों को स्थापित कर बिस्तरों की संख्या बढ़ाई जाएगी औऱ केंद्रीय मंत्रालय के अंतर्गत ‘अस्पतालों में तय वार्ड बनाए जाएंगे’। वैक्सीन को लेकर उन्होंने कहा ‘छोटे राज्यों के लिए वैक्सीन की सप्लाई हर 7 दिन और बड़े राज्यों के लिए हर 4 दिनों में भरपाई की जा रही है।’ उन्होंने ट्वीट किया ‘सितंबर 2021 तक कोवैक्सीन का उत्पादन 10 गुना बढ़ाया जाएगा।’

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