Encounter News
Encounter News
Tuesday, August 11, 2020 Search Search YouTube Menu

जरूरी खबरः आज से बदल गए पैसों से जुड़े 5 बड़े नियम

नई दिल्ली। आज से अगस्त महीने की शुरुआत हो चुकी है। आज से ही कई सारे नियमों में बदलाव भी लागू हो गया है। इन बदलावों का आपकी जिंदगी पर सीधा असर पड़ेगा। इन नए नियमों से एक ओर जहां आपको राहत मिलेगी, वहीं अगर आपने कुछ बातों का ध्यान नहीं रखा तो आपको आर्थिक नुकसान भी हो सकता है। इनमें कुछ बैंकों में मिनिमम बैलेंस, RBL बैंक के बचत खाते पर ब्याज दर, EPF में योगदान, कार और दोपहिया वाहन खरीदना और ई-कॉमर्स कंपनियों से जुड़े नियम शामिल हैं।
कुछ भारतीय बैंकों में बचत खाते में मिनिमम मंथली बैलेंस को लेकर एक अगस्त से नियम बदल गए हैं। इनमें एक्सिस बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, कोटक महिंद्रा बैंक और आरबीएल बैंक शामिल है। इन बैंकों ने एक अगस्त से लेनदेन के नियमों में बदलाव करने का फैसला किया है। इनमें से कुछ बैंक कैश निकालने और जमा करने पर फीस वसूलेंगे। वहीं कुछ बैंक मिनिमम बैलेंस बढ़ाने की तैयारी में है। बैंक ऑफ महाराष्ट्र में बचत खाते वालों को मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में न्यूनतम बैलेंस 2,000 रुपए रखने होंगे, पहले यह लिमिट 1,500 रुपए थी। कम बैलेंस होने पर बैंक मेट्रो और शहरी क्षेत्रों में खाताधारकों से 75 रुपए, अर्ध-शहरी क्षेत्र में 50 रुपए और ग्रामीण क्षेत्र में 20 रुपए हर महीने शुल्क लेगा।
श्रम और रोजगार मंत्रालय ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) अंशदान में तीन महीने के लिए कटौती लागू करने का फैसला लिया था। जुलाई तक इसे 12 फीसदी से घटाकर 10 फीसदी अंशदान करने का फैसला लिया गया। 31 जुलाई को यह अवधि समाप्त हो गई। इसकी घोषणा वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पीएम गरीब कल्याण पैकेज के तहत की थी। 1 अगस्त से पीएम गरीब कल्याण पैकेज के तहत आने वाले कर्मचारी और नियोक्ता के लिए योगदान फिर से 12-12 फीसदी हो गया है।
अगर आप एक नई कार या मोटरसाइकिल खरीदने की सोच रहे हैं, तो एक अगस्त से कार और टू-व्हीलर की इंश्योरेंस पॉलिसी में बदलाव हो गया है। भारतीय बीमा नियामक व विकास प्राधिकरण (इरडा) एक अगस्त से मोटर थर्ड पार्टी और ओन डैमेज इंश्योरेंस में बदलाव किया है। इरडा के निर्देशों के मुताबिक, ग्राहकों को कार की खरीद पर तीन साल और दो-पहिया वाहनों की खरीद पर पांच साल का थर्ड पार्टी कवर लेना अनिवार्य नहीं होगा। इरडा ने इन वाहनों पर से पैकेज कवर को वापस लेने का फैसला किया है।
केंद्र सरकार ने ई-कॉमर्स कंपनियों को लेकर नए नियमों की अधिसूचना जारी कर दी है। अब ई-कॉमर्स कंपनियों पर मिलने वाले उत्पादों पर यह लिखना जरूरी है कि सामान कहां बना है। अगर कोई कंपनी इस नियम का पालन नहीं करती तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। ज्यादातर कंपनियों ने पहले ही यह जानकारी देना शुरू कर दी है। इनमें फ्लिपकार्ट, मिंत्रा और स्नैपडील जैसी कंपनियां शामिल हैं। DPIIT ने सभी ई-कॉमर्स कंपनियों को 1 अगस्त तक अपने न्यू प्रॉडक्ट लिस्टिंग के कंट्री ऑफ ओरिजन अपडेट करने के लिए कहा है। इससे मेक इन इंडिया उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।