बिजली चोरी के खिलाफ सरकार सख्त

पंचकुला। बिजली चोरी कराने में संलिप्त अधिकारियों के खिलाफ अब गाज गिरने वाली है। हरियाणा सरकार की ओर से ऐसे अधिकारियों को चिह्नित कर लिया गया है, जो चोरी के खेल में शामिल रहे हैं। इसको लेकर विभाग की ओर से पहले संबंधित अधिकारियों को नोटिस दिया जाएगा और इसके बाद आगामी कार्रवाई होगी। संभावना जताई जा रही है कि चोरी में संलिप्त अधिकारियों की संख्या दर्जनभर है। इनमें एसडीओ से लेकर जेई और निचले स्तर के कर्मचारी भी शामिल हैं।

मार्च की शुरुआत में मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देश पर बिजली चोरी के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चलाया गया था। करीब 1200 अधिकारियों व कर्मचारियों की 236 टीमें बनाई गई थीं। प्रदेश के 10 शहरों में लगातार तीन दिन तक छापों के बाद 2700 चोरी के मामले पकड़े थे। इन पर करीब 200 करोड़ रुपये का जुर्माना भी किया गया था।

मुख्यरूप से उद्योगों, शॉपिंग मॉल, गेस्ट हाउस समेत अन्य संस्थानों पर छापे मारे गए थे। ज्यादातर स्थानों पर स्वीकृत लोड से अधिक लोड के आधार पर बिजली का इस्तेमाल कर रहे थे। इन मामलों में जांच के दौरान यह भी सामने आया था कि कई स्थानों पर बिजली अधिकारियों की मिलीभगत से ही चोरी कराई जा रही थी। इनमें एसडीओ से लेकर जेई समेत अन्य कर्मचारियों के शामिल होने की संभावना है। खुद सीएम मनोहर लाल ने इस मामले में सख्त रवैया अपनाते हुए ऐसे अधिकारियों की जांच के लिए कहा गया था।

अब विभाग की ओर से उन तमाम अधिकारियों व कर्मचारियों को चिह्नित कर लिया गया है, जो बिजली चोरी कराने में संलिप्त हैं। पहले विभाग की ओर से उनको कारण बताओ नोटिस जारी किया जाएगा और उनके जवाब मिलने के बाद आगामी कार्रवाई की जाएगी।

प्रदेश सरकार डार्क जोन में भी किसानों को बिजली कनेक्शन के लिए तैयारी कर रही है। पहले जहां केंद्रीय वाटर अथॉरिटी की ओर से यहां पर कनेक्शन देने पर प्रतिबंध लगाया गया था, अब इसे हटा लिया गया है। प्रदेश सरकार सभी डार्क जोन में सर्वे करा रही है। जहां-जहां जरूरत होगी, वहां पर कनेक्शन दिए जाएंगे।

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