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Thursday, January 28, 2021 Search Search YouTube Menu

ओबीसी प्रमाण पत्र की अवधि 20 वर्ष करने की मांग

जयराम सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व विभाग से रिपोर्ट मांगी

जिला पार्षद पंकज सहोड़ ने प्रदेश सरकार से उठाया था मुद्दा

ऊना/सुशील पंडित। जिला पार्षद पंकज सहोड़ द्वारा जिले में अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) जाति से ताल्लुक रखने वाले लोगों के लिए बनने वाले जाति प्रमाण पत्र की अवधि एक वर्ष से बढ़ाकर 20 वर्ष करने की मांग पर प्रदेश सरकार ने गंभीरता दिखाई है। जिला पार्षद सदस्य द्वारा जिला परिषद की मासिक बैठक में इस मसले को जोरशोर से उठाया था। इसके बाद विभागीय कार्यवायी अमल में लाई जा रही है। जिला परिषद की मासिक बैठक के बाद इस मुद्दे को जिला पंचायत अधिकारी ने जिला उपायुक्त को पत्र लिखकर समस्या का निदान मांगा। इसके बाद मुख्य सचिव, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय को पत्र लिखा गया। इस मसले को हल करने के लिए प्रदेश सरकार ने अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व विभाग से रिपोर्ट मांगी है। जिला परिषद वार्ड 10 रायपुर सहोड़ां से जिला पार्षद पंकज सहोड़ ने इस मुद्दे को जिला परिषद की मासिक बैठक में उठाया था। ओबीसी से ताल्लुक रखने वाले लोगों ने प्रदेश की जयराम सरकार से जाति प्रमाण पत्र बोनाफाइड की तर्ज पर बनाने की मांग उठाई थी। इस संबंध में एक ज्ञापन जिला परिषद वार्ड रायपुर सहोड़ां से पार्षद पंकज सहोड़ के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेजा।

20 वर्ष हो प्रमाण पत्र की अवधि…
मैहतपुर की पंचायत प्रधान सोनिया देवी की अगुवाई में एक शिष्टमंडल जिला पार्षद पंकज सहोड़ से मिला। शिष्टमंडल में स्थानीय निवासी सचिन, आतिश, उदय चौधरी, तान्या, सरोज रानी, आशा रानी, आशा देवी, सुमन चौधरी, प्रवीण कुमारी, नरेश कुमारी, नीलम कुमारी, बीना कुमारी, अशोक कुमार, चमन लाल, संदेश कुमारी, अलका देवी समेत अनेक ग्रामीण शमिल रहे। ग्रामीणों ने कहा कि ओबीसी के प्रमाण पत्र की अबधि मात्र एक वर्ष की है, जबकि अन्य जाति से संबंधित प्रमाण पत्र की अबधि 20 वर्ष की है। इसके अलावा हिमाचली बोनाफाइड की अबधि भी 20 वर्ष की है। ओबीसी से ताल्लुक रखने वाले लोगों के साथ ऐसा भेदभाव आखिर क्यों? जब पंचायत रजिस्टर और राशन कार्ड में सालों से एक ही जाति दशाई जाती है तो ओबीसी प्रमाण पत्र की अबधि एक वर्ष क्यों रखी गई है। पढ़ाई करने वाले बच्चों को हर साल ओबीसी प्रमाण पत्र बनवाने के लिए भटकना पड़ता है। इसके अलावा रोजगार की तलाश में जुटे युवाओं को जाति प्रमाण पत्र हर वर्ष नया लेना पड़ता है। ग्रामीणों ने प्रदेश सरकार से ओबीसी प्रमाण पत्र को एक वर्ष की बजाय 20 वर्ष के लिए बनाने की मांग उठाई।

जयराम सरकार अवश्य हल करेगी यह समस्या: पंकज सहोड़…
जिला परिषद वार्ड रायपुर सहोड़ा से पार्षद पंकज सहोड़ ने आशा जताई है कि जयराम सरकार इस वर्ग की समस्या को समझते हुए यथाशीघ्र इसका हल निकालेगी। इस मुद्दे को पिछले माह जिला परिषद की मासिक बैठक में उठाया था। इस पर विभागीय कार्यवायी अमल में लाई जा रही है। इस मसले को हल करने के लिए विभिन्न विभागों में पत्राचार किया जा रहा है। पांच वर्ष के अपने कार्यकाल में अपने जिला परिषद वार्ड के लोगों की ओर से उठाई गई विभिन्न समस्याओं को हल करवाने का प्रयास किया गया है।