Encounter News
Encounter News
Saturday, September 26, 2020 Search Search YouTube Menu

सावधान! ईयरफोन का इस्‍तेमाल करने वाले जरूर पढ़ें ये खबर

नई दिल्ली। आज कल युवाओं में ईयरफोन (Earphones) का चलन ज्‍यादा बढ़ने लगा है. फिर चाहें सड़क पर चलते युवा हों या किसी बस, मेट्रो ट्रेन में बैठे लोग उनके कानों में ईयरफोन लगा जरूर दिख जाएगा. मगर क्या आप जानते हैं कि ईयरफोन लगाना और तेज आवाज में गाना सुनना आपके कानों के लिए नुकसानदायक (Harmful to the Ears) हो सकता है. समाचार पत्र में प्रकाशित एक रिपोर्ट के मुताबिक इसके ज्‍यादा इस्‍तेमाल से कानों में दर्द और सुनने में परेशानी जैसी समस्‍या हो सकती है. ऐसे में ईयरफोन का इस्‍तेमाल करने वालों को इससे जुड़े इन प्रभावों की जानकारी जरूर होनी चाहिए. साथ ही आप इससे बचाव के कुछ तरीके अपना कर भी खुद को इसके दुष्‍प्रभाव से बचा सकते हैं.

कई घंटों तक हेडफोन और ईयरफोन का इस्तेमाल करने से न सिर्फ कानों को नुकसान पहुंच सकता है, बल्कि इससे मस्तिष्क पर भी नकारात्मक असर पड़ता सकता है. इसकी वजह यह है कि ईयरफोन से निकलने वाली चुंबकीय तरंगे मस्तिष्क की कोशिकाओं पर बुरा असर डालती हैं. ऐसे में ज्यादा देर तक ईयरफोन का इस्तेमाल करने से सिर में दर्द, नींद न आने की समस्‍या, कानों में दर्द और गर्दन के किसी हिस्से में दर्द जैसी समस्या का सामना करना पड़ सकता है. ईयरफोन में आने वाली सूक्ष्म ध्वनि भी स्‍पष्‍ट और तेज सुनाई देती है. अगर आप इसका इस्‍तेमाल करना ही चाहते हैं तो इसे कम से कम आवाज पर रखें.

आज जिस ईयरफोन का इस्तेमाल कर रहे होते हैं, उस पर बैक्टीरिया पनपने का खतरा भी रहता है और जब आप अपने कान में इसे लगाते हैं, तो इन बैक्‍टीरिया की वजह से कान में संक्रमण होने की आशंका भी बढ़ जाती है. ऐसे में अपने ईयरफोन की साफ-सफाई का पूरा ध्‍यान रखें.

शेयर न करें ईयरफोन
कई बार दोस्‍तों में ईयरफोन को भी शेयर कर लिया जाता है, मगर आपको इससे बचना चाहिए. क्‍योंकि इससे किसी अन्‍य का संक्रमण आपके कानों तक पहुंच कर आपको भी नुकसान पहुंचा सकता है.

कानों से कम सुनाई देना
अगर आप ईयरफोन का ज्‍यादा इस्तेमाल करते हैं, तो इससे आपके कानों की सुनने की क्षमता भी प्रभावित हो सकती है. सामान्य तौर पर कानों की सुनने की क्षमता 90 डेसिबल होती है, जो लगातार सुनने से धीरे-धीरे 40 से 50 डेसिबल तक कम हो जाती है. वहीं कुछ मामलों में यह बहरेपन का कारण भी बन सकता है.