एक Kiss से बॉडी पर होता है ऐसा असर…

नई दिल्ली: चुंबन पीछे एक पूरा विज्ञान होता है. आप ये जान कर दंग रह जाएंगे कि वैज्ञानिकों के अनुसार 10 सेकेंड की ‘Kiss’ में 8 करोड़ बैक्टेरिया एक दूसरे से शेयर होते हैं. विज्ञान कहता है कि इसके कई फायदे भी हैं और नुकसान भी.

चुंबन से इतने बैक्टेरिया के आदान प्रदान के बावजूद हाथ मिलाने से बीमार होने की संभावना ज्यादा है. किसिंग के पीछे का विज्ञान कहता है कि भले ही इस काम में बैक्टेरिया का लेना-देना हो जाए लेकिन ये दोनों के लिए फायदेमंद भी हैं.

प्यार का जुड़ाव होठों से ही शुरू होती है. बचपन में मां का दूध या बोतल से दूध पीते हुए बच्चा अपने होंठ का जिस तरह इस्तेमाल करता है, वो किसिंग से काफी मिलता जुलता है. ये बच्चे के दिमाग में न्यूरल/नसों से जुड़ा रास्ता तैयार करती है, जो किसिंग को लेकर मन में सकारात्मक भाव पैदा करती हैं.

गौरतलब है कि होंठ शरीर का सबसे एक्सपोज़्ड हिस्सा है जो इंसान के भीतर कामुकता जगाता है. इंसानों के होंठ, बाकी जानवरों से अलग बाहर की ओर निकले हुए हैं. आप शायद ही जानते हों कि होठों में संवेदनशील नसों की भरमार है तभी उसका जरा सा छुआ जाना भी हमारे दिमाग तक सिग्नल पहुंचाता है और हम अच्छा महसूस करते हैं.

चुंबन हमारे दिमाग के एक बड़े हिस्से को सक्रिय कर देता है. इससे अचानक ही हमारा दिमाग एक्टिव होकर काम पर लग जाता है. यह सोचने लगता है कि आगे क्या हो सकता है. किस का असर कुछ इस तरह होता है कि हमारे शरीर के हार्मोन्स और न्यूरोट्रांसमिटर्स घिरनी की तरह घूमने लगते हैं. हमारी सोच और इमोशन पर असर पड़ना शुरू हो जाता है.

जब दो होठ मिलते हैं तो औसत 9 मिलीग्राम पानी, .7 मिलीग्राम प्रोटीन, .18 मिलीग्राम ऑर्गैनिक कम्पाउंड्स, .71 मिलीग्राम अलग अलग तरह के फैट्स और .45 मिलीग्राम सोडियम क्लोराइड का आदान प्रदान होता है. किसिंग कैलरी को बर्न करने का काम भी करती है. किस करने वाला जोड़ा 2 से 26 कैलोरीज प्रति मिनट खर्च करता है और इस इस सुख को महसूस करने के दौरान करीब 30 अलग तरह की मांसपेशियों का इस्तेमाल होता है.

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